15 जून 2017 - 11:16
सऊदी अरब के बाद क़तर को भी अमेरिका ने बनाया बेवक़ूफ़।

क़तर ने 2014 में दस अरब डॉलर से अधिक मूल्य के सैन्य उपकरणों को खरीदा था जिनमें अपाचे हेलिकॉप्टर, पैट्रियट मिसाइल और विमान शामिल थे

अबनाः दो अमेरिकी नौसेना युद्धपोतों ने, क़तर की राजधानी दोहा की बंदरगाह पर लंगर डाल दिया है। दूसरी ओर सूचना है कि कतर ने अमेरिका से एफ पंद्रह विमानों की खरीद का अनुबंध किया है जिनकी कीमत बारह अरब डॉलर बताई जाती है।
क़तर के रक्षामंत्री का कहना है कि उनके देश ने अमेरिका से एफ पंद्रह विमानों की खरीद के लिए बारह अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विदेश युद्ध जेम्स मेट्स और संबंधित क़तरी अधिकारी अगले सप्ताह एक दूसरे से मिलेगें और विमानों की खरीद के अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।
पिछले साल नवंबर में अमेरिका ने क़तर के साथ एफ- पंद्रह विमानों की बिक्री के लिए इक्कीस अरब डॉलर के समझौते को मंजूरी दी थी।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार क़तर ने 2014 में दस अरब डॉलर से अधिक मूल्य के सैन्य उपकरणों को खरीदा था जिनमें अपाचे हेलिकॉप्टर, पैट्रियट मिसाइल और विमान शामिल थे।
उधर अल जज़ीरा टीवी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी लड़ाकू जहाज, क़तर के साथ साझा नौसैनिक अभ्यास में भाग लेने के लिए दोहा पहुँच गए।
दूसरी ओर वाशिंगटन में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत ने बुधवार अमेरिका से मांग की कि वह क़तर की अलअदीदा सैन्य छावनी में तैनात अमेरिकी सैनिकों को क़तरी अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करे ताकि उन्हें अपने रुख से पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके।
अमेरिकी युद्ध मंत्रालय पेंटागन के अनुसार खाड़ी के कुछ अरब देशों की ओर से क़तर की घेराबंदी से अलअदीदा छावनी की गतिविधियां प्रभावित नहीं होगीं।
गौरतलब है कि सऊदी अरब, बहरैन, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र ने पांच जून को एक साथ क़तर से अपने संबंध काट लिए और समुद्री, हवाई और जमीनी सीमाएं बंद कर दीं।
उक्त देशों ने क़तर पर आतंकवादी गुटों का समर्थन और अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।
ग़ौरतलब है पूरी दुनिया किसी भी आतंकी घटना के पीछे डायरेक्ट या इंडायरेक्ट सऊदी अरब का हाथ होता है।